जम्मू/पहल्गाम।
मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहल्गाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए। मृतकों में आम नागरिकों के अलावा एक नेवी अधिकारी भी शामिल हैं, जो हाल ही में विवाह कर छुट्टियां मनाने आए थे।
घटना के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह घटनास्थल पहुंचे और हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “भारत आतंक के आगे कभी नहीं झुकेगा। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
सरकार की ओर से मुआवजे का ऐलान
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को 2 लाख रुपये और अन्य घायलों को 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही, पीड़ितों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने की सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और जन आक्रोश
हमले की निंदा करते हुए पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इसे सिर्फ पर्यटकों पर हमला नहीं, बल्कि कश्मीरियत पर हमला बताया। वहीं, डोगरा फ्रंट, स्थानीय संगठनों और आम नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की।
हिमाचल प्रदेश के भाजपा नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि “यह पहली बार है जब इस तरह की टारगेट किलिंग देखी गई है। एक-एक आतंकी को खोजकर सजा दी जाएगी, और कार्रवाई सिर्फ हमलावरों पर नहीं बल्कि उन्हें समर्थन देने वालों पर भी होगी।”
पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर असर
हमले के बाद घाटी में सन्नाटा पसरा हुआ है। डल झील सुनसान है, बाजार बंद हैं और बड़ी संख्या में पर्यटक घाटी छोड़ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर सरकार ने एनएच-44 को सुगम बनाने और अतिरिक्त उड़ानों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं ताकि पर्यटकों को सुरक्षित निकाला जा सके।
पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच तेज
अब तक की जानकारी के अनुसार, इस हमले में दो स्थानीय और दो पाकिस्तानी आतंकियों के शामिल होने के सबूत मिले हैं। तीन संदिग्धों के स्केच जारी किए जा चुके हैं, और पूरे राज्य में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

