मुंबई, 25 अप्रैल 2025: प्रसिद्ध स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की है। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में जांच रोकने से इनकार करते हुए कहा कि जांच जारी रहेगी।
क्या है मामला?
कुणाल कामरा पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एकनाथ शिंदे के खिलाफ ‘देशद्रोही’ टिप्पणी की थी। इस पर मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद, कुणाल ने अपनी गिरफ्तारी से बचने और एफआईआर को रद्द कराने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
कोर्ट का आदेश
बॉम्बे हाई कोर्ट की जस्टिस सरंग कोटवाल और जस्टिस एसएम मोदक की बेंच ने कुणाल कामरा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा, “याचिका की सुनवाई लंबित रहने तक कुणाल कामरा को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। जांच जारी रह सकती है।” इसके साथ ही, कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि पुलिस को कुणाल का बयान दर्ज करना हो, तो यह चेन्नई में किया जाएगा, क्योंकि कुणाल वहीं रहते हैं। पुलिस को कुणाल को पहले सूचना देनी होगी। इसके अलावा, अगर पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल करती है, तो संबंधित अदालत उस पर आगे की कार्रवाई नहीं करेगी।
कुणाल कामरा का पक्ष
कुणाल कामरा अपने व्यंग्यात्मक हास्य और बेबाक टिप्पणियों के लिए प्रसिद्ध हैं। इस मामले में उन्होंने दावा किया कि उनकी टिप्पणी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में थी और इसे हास्य के रूप में लिया जाना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने जांच को रद्द करने की उनकी मांग को ठुकरा दिया, लेकिन गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान कर तात्कालिक राहत जरूर दी।
कुणाल कामरा को इस मामले में अभी राहत तो मिली है, लेकिन उनकी जांच और कानूनी प्रक्रिया पर आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। यह मामला एक बार फिर से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के कानूनी पहलुओं पर सवाल उठाता है।

