द केएन न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली | 07 मई 2025
नई दिल्ली: बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर पहली बार सार्वजनिक रूप से बयान देते हुए कहा कि भारतीय सेना ने बीती रात अपने पराक्रम, सटीकता और मानवता का अद्वितीय परिचय दिया है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों के ठिकानों पर किए गए हवाई हमले को उन्होंने ‘सोची-समझी कार्रवाई’ बताया और स्पष्ट किया कि भारत ने केवल उन लोगों को निशाना बनाया जिन्होंने हमारे मासूम नागरिकों की हत्या की थी।
‘हनुमान जी के आदर्श पर चली सेना’
राजनाथ सिंह ने इस सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर कहा, “हमने हनुमान जी के उस आदर्श का पालन किया है, जो उन्होंने अशोक वाटिका उजाड़ते समय किया था – ‘जिन मोहि मारा, तिन मोहि मारे’। हमारी सेना ने केवल आतंकियों के उन ठिकानों को निशाना बनाया जो निर्दोषों की हत्या के लिए जिम्मेदार थे।”
सटीकता, सतर्कता और संवेदनशीलता का परिचय
रक्षा मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि यह अभियान भारतीय सेना की “सटीकता, सतर्कता और संवेदनशीलता” का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक भी नागरिक ठिकाने को क्षति नहीं पहुंचाई गई और केवल उन लक्ष्यों को ही ध्वस्त किया गया जो आतंकवाद से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े थे।
प्रधानमंत्री को साधुवाद, सेना को संपूर्ण समर्थन
राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि इस पूरे अभियान के पीछे सरकार का स्पष्ट मार्गदर्शन और राजनीतिक संबल था। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और सेना को हर प्रकार की सहायता प्रदान की है।”
PoK में तबाह हुए आतंकी शिविर
जानकारी के अनुसार, इस एयर स्ट्राइक में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित चार प्रमुख आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया है। वायुसेना की मिसाइलों ने आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप, गोला-बारूद भंडार और लॉजिस्टिक सपोर्ट बेस को निशाना बनाते हुए नष्ट किया। इससे आतंकियों के हौसले बुरी तरह पस्त हुए हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ विकास पर भी जोर
रक्षा मंत्री ने इसी मौके पर छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में सीमा सड़क संगठन (BRO) की 50 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा, “ये परियोजनाएं केवल सड़क या पुल नहीं हैं, बल्कि यह भारत के विभिन्न क्षेत्रों को एक-दूसरे से भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक रूप से जोड़ने का माध्यम हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि इन परियोजनाओं से न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि इन क्षेत्रों में पर्यटन, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय निवासियों की आमदनी में वृद्धि होगी और जीवन स्तर में सुधार आएगा।
सेना को मिला देश का समर्थन
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने पूरे देश की ओर से सेना को साधुवाद देते हुए कहा, “मैं हमारे बहादुर सैनिकों और अधिकारियों को नमन करता हूं जिन्होंने अपनी बहादुरी और दूरदर्शिता से भारत का मस्तक ऊंचा किया है।”
ऑपरेशन सिंदूर भारत की बदलती सैन्य रणनीति और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बनकर उभरा है। यह स्पष्ट संदेश है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी स्तर तक जाने के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही मानवीय मूल्यों की रक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।

