हिसार, हरियाणा — हिसार की रहने वाली ज्योति मल्होत्रा, जो हाल ही में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार की गई थी, को लेकर अब लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। कोर्ट ने शनिवार को उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था और अब पूछताछ में पाकिस्तान से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं।
हिसार के एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि ज्योति को पाकिस्तान एक “एसेट” के रूप में तैयार कर रहा था। वह प्रायोजित यात्राओं के माध्यम से पाकिस्तान जाती थी, जिससे संकेत मिलता है कि उसकी गतिविधियाँ केवल व्यक्तिगत नहीं थीं, बल्कि किसी बड़े साजिश का हिस्सा हो सकती हैं।
पाकिस्तान में ट्रेनिंग और लिंक
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि ज्योति की पाकिस्तान यात्राएं महज पर्यटन के नाम पर नहीं थीं। उसे वहां विशेष प्रशिक्षण और निर्देश दिए जाते थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ज्योति पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में थी और उसकी गतिविधियाँ भारतीय सुरक्षा तंत्र के लिए गंभीर खतरा बन सकती थीं।
पहलगाम हमले से पहले पाकिस्तान में मौजूदगी
ज्योति की पाकिस्तान यात्राओं में से एक यात्रा पहलगाम आतंकी हमले से ठीक पहले की थी। यह संदेह गहराता है कि उस हमले में उसकी कोई भूमिका हो सकती है या कम से कम उसे हमले की जानकारी थी। फिलहाल, इस एंगल से भी पूछताछ की जा रही है।
नेटवर्क का खुलासा
एसपी सावन के अनुसार, पूछताछ में यह जानकारी मिली है कि ज्योति अकेली नहीं थी। उसके साथ कुछ और लोग भी इस नेटवर्क में शामिल हैं, जिनकी पहचान की जा रही है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब उन नामों की तलाश में जुट गई हैं और पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश की जा रही है।
सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यम
जांच एजेंसियों ने ज्योति के सोशल मीडिया अकाउंट्स, मोबाइल डेटा और ईमेल्स को भी खंगालना शुरू कर दिया है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के एजेंट्स से संपर्क में रहती थी और उन्हें संवेदनशील जानकारियाँ साझा करती थी।
राजनैतिक और सामाजिक हलकों में हलचल
इस मामले के उजागर होने के बाद हरियाणा समेत पूरे देश में हलचल मच गई है। विपक्षी दल सरकार से सवाल कर रहे हैं कि किस तरह एक महिला बार-बार पाकिस्तान जाती रही और उस पर किसी की नज़र क्यों नहीं पड़ी।
ज्योति मल्होत्रा का मामला सिर्फ एक महिला की जासूसी की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक गहरे षड्यंत्र की ओर इशारा करता है, जिसमें विदेशी ताकतें भारतीय सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

