लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम में शुक्रवार से तीन दिवसीय आम महोत्सव 2025 की शुरुआत हो गई है। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महोत्सव का उद्घाटन किया। इस आयोजन में आम की 800 से अधिक प्रजातियों को प्रदर्शित किया गया है, जिनका स्वाद चखने का अवसर भी लोगों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महोत्सव की शुरुआत करते हुए कहा कि यह केवल एक फल महोत्सव नहीं है, बल्कि किसानों की मेहनत, कृषि तकनीक और प्रदेश की ताकत को दिखाने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा आम की खेती और उसके निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आम से भरे कंटेनरों को लंदन और दुबई के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के आम की मांग विदेशों में लगातार बढ़ रही है और सरकार इसके निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। किसानों को उन्नत खेती और प्रसंस्करण के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने किसानों के लिए चार पैक हाउस बनाए हैं, जिससे अब कृषि उत्पादों का निर्यात आसानी से हो पा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में जल संकट का समाधान कर दिया गया है, जिससे वहां पर अब बहुफसली खेती हो रही है। मक्का जैसी फसलों से किसान एक एकड़ में एक लाख रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए कृषि और बागवानी विशेषज्ञों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर खेती और किसानों को आगे बढ़ाना होगा।
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इस मौके पर बताया कि आज प्रदेश में लगभग 61 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन हो रहा है। सभी जिलों में जलवायु के अनुसार आम की पौध उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए अब तक 28 करोड़ पौधे नर्सरी से वितरित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग की कोशिश है कि कम क्षेत्रफल में अधिक लाभ देने वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाए। उदाहरण के तौर पर जितने खेत में गेहूं से ₹38,000 की आमदनी होती है, उतने ही क्षेत्र में 15 लाख की शिमला मिर्च उगाई जा सकती है।
उद्यान मंत्री ने आगे बताया कि किसानों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाने के लिए जेवर एयरपोर्ट के पास एक इंटीग्रेटेड टेस्टिंग और ट्रीटमेंट पार्क तैयार किया जा रहा है। इससे किसानों को कम लागत में उत्पादों का निर्यात करने में मदद मिलेगी।
आम महोत्सव 2025 न केवल आम प्रेमियों के लिए एक शानदार अनुभव है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के किसानों, कृषि तकनीक और वैश्विक स्तर पर राज्य की पहचान को मजबूत करने का भी प्रतीक है।

