गाजीपुर।
गंगा नदी ने इस साल बाढ़ के कहर में नया इतिहास रच दिया है। वर्ष 2019 का रिकॉर्ड तोड़ते हुए गंगा का जलस्तर 64.680 मीटर तक पहुँच गया था, जो कि 2021 के उच्चतम स्तर के बराबर है। राहत की बात यह है कि 9 दिनों की स्थिरता के बाद अब गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की बुधवार शाम 5 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक, जलस्तर 64.670 मीटर दर्ज किया गया है और यह लगभग 1.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से घट रहा है।
2021 की बराबरी, अब नया रिकॉर्ड भी मुमकिन
गौरतलब है कि 2021 में गंगा का उच्चतम जलस्तर 64.680 मीटर था। मौजूदा जलस्तर भी उसी के समकक्ष पहुंच गया है। यदि जलस्तर में फिर से वृद्धि हुई, तो यह 2021 का रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है।
कई गांवों में तबाही, हजारों बीघे फसलें जलमग्न
गंगा की बढ़ती लहरों ने शेरपुर कला, महेशपुर द्वितीय, नकटीकोन, बढ़नपुरा, रानीपुर और दोनपाव जैसे गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है।
- शेरपुर क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण के लिए बनाई गई तीन ठोकरों की रेलिंग टूट गई है।
- शेरपुर कला में धान, चरी, अरहर, बाजरा और सब्जी की खेती पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।
- गहमर क्षेत्र में वीरऊपुर, हसनपुरा, नसीरपुर और रामपुर जैसे गांवों का संपर्क मार्ग टूट गया है।
- मुख्य सड़कों पर 5 फीट तक पानी भरा हुआ है, जिससे वाहनों का आवागमन ठप हो गया है।
सड़कें बनीं नदी, पुलिया का डाइवर्जन बहा
गोड़उर गांव के पास निर्माणाधीन पुलिया का डाइवर्जन बह जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। बाढ़ के पानी में बह चुकी सड़कों पर लोग जान जोखिम में डालकर बाइक व अन्य वाहन ले जा रहे हैं।
📸 तस्वीर में दिख रहा है कि बाइक सवार किस तरह से बचे हुए रास्ते से निकलने की कोशिश कर रहे हैं।
रेवतीपुर-गहमर बाइपास पर भी बाढ़ का कब्जा
रेवतीपुर-गहमर बाइपास सड़क पर 5 फीट तक पानी जमा हो चुका है, जिससे बाइपास पूरी तरह से डूब गया है। इस क्षेत्र में 1000 बीघा से अधिक सब्जी व चरी की फसलें पानी में समा गई हैं।
स्थानीय निवासियों की पुकार: जल्द सहायता चाहिए
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत राहत और बचाव कार्यों को तेज करने की मांग की है। कई ग्रामीणों ने बताया कि पशुओं के चारे की कमी, पीने के पानी की समस्या, और राशन की आपूर्ति बाधित हो गई है।
🛑 क्या है प्रशासन की तैयारी?
अब तक प्रशासन की तरफ से ठोकर निर्माण, नाव की व्यवस्था, व राहत सामग्री वितरण की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन कई इलाके अब भी सरकारी मदद से दूर हैं।
📍 गाजीपुर की स्थिति पर The KN NEWS की निगाह
गाजीपुर में गंगा का कहर इस बार पहले से कहीं ज्यादा भयावह रहा। KN NEWS लगातार इस आपदा पर नजर बनाए हुए है और हर अपडेट आपके सामने लाता रहेगा।
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