सोनभद्र। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन इस बार भी जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपनी वर्षों पुरानी परंपरा निभाते हुए मनाया। वे रक्षा बंधन से एक दिन पहले ही सोनभद्र के आमडीह स्थित अपनी बहन आभा राय के घर पहुंचे और शनिवार सुबह उनसे राखी बंधवाई।
सुबह 10:15 बजे राखी बंधवाने के बाद, निर्धारित प्रोटोकॉल के साथ उनका काफिला 11:50 बजे बाबतपुर हवाई अड्डे के लिए रवाना हुआ, जहां से वे जम्मू-कश्मीर के लिए प्रस्थान कर गए।
शुक्रवार रात पहुंच गए थे सोनभद्र
मनोज सिन्हा का काफिला शुक्रवार रात करीब 9:15 बजे आमडीह पहुंचा था। उनके आगमन को देखते हुए शुक्रवार से ही जिले के आला अधिकारियों ने आमडीह राजमार्ग से लेकर उनके आवास तक सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम कर दिए थे। केवल सूचीबद्ध लोगों को ही आवास तक प्रवेश की अनुमति दी गई, जबकि पूरे इलाके में निगरानी लगातार जारी रही।
हर साल निभाते हैं परंपरा
मनोज सिन्हा अपने बेहद व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद हर साल रक्षा बंधन के मौके पर बहन से राखी बंधवाने जरूर आते हैं। रेल राज्यमंत्री के कार्यकाल में भी उन्होंने इस परंपरा को कभी नहीं तोड़ा।
सुरक्षा इंतज़ाम के बाद प्रशासन ने ली राहत की सांस
काफिला रवाना होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। अधिकारियों का कहना था कि एलजी का यह दौरा भले ही पारिवारिक रहा हो, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
रक्षाबंधन पर सौहार्द का संदेश
इस मौके पर जिले में कई स्थानों पर भाई-बहन के रिश्ते की अनूठी मिसालें देखने को मिलीं। कहीं हिंदू बहनों ने मुस्लिम भाइयों को राखी बांधी तो कहीं समुदायों के बीच प्रेम और एकता का संदेश दिया गया।
मनोज सिन्हा का यह पारिवारिक दौरा न सिर्फ रक्षाबंधन की पवित्रता का प्रतीक रहा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि व्यस्ततम जिम्मेदारियों के बीच भी रिश्तों की डोर को निभाना कितना महत्वपूर्ण है।

