गाजीपुर, 09 अगस्त 2025।
गाजीपुर जनपद में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें 500 से अधिक लोगों को एक फर्जी (फिशिंग) वेबसाइट के माध्यम से करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया। यह वेबसाइट “स्टार लिंक” कंपनी के नाम पर बनाई गई थी, जिसने न सिर्फ गाजीपुर बल्कि मऊ और आसपास के जिलों के लोगों को भी निशाना बनाया। पीड़ितों में लगभग 40-45 फीसदी सरकारी कर्मचारी बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, ठगों ने कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए और लोगों को उनमें जोड़कर निवेश के लिए प्रेरित किया। इन ग्रुप्स में 800 से अधिक सदस्य थे। शुरुआत में केवल 1,000 रुपये निवेश पर सदस्यता दी जाती थी, और निवेशक को हर दिन एक लिंक मिलता था, जिसे क्लिक करने पर 1 रुपये से 70 रुपये तक का बोनस दिखाया जाता था। यह धोखाधड़ी पिछले छह महीनों से चल रही थी।
लालच भरी स्कीम से बढ़ी ठगी
पिछले सप्ताह ठगों ने एक नई स्कीम शुरू की—1,000 रुपये निवेश करने पर एक सप्ताह में 1,500 रुपये और 2,000 रुपये पर 7-8 हजार रुपये लौटाने का वादा किया गया। लालच में आकर कई लोगों ने हजारों से लेकर लाखों रुपये तक निवेश कर दिए। लेकिन तीन दिन पहले अचानक वेबसाइट बंद कर दी गई, और निवेशकों को ठगी का अहसास हुआ।
पीड़ितों की आपबीती
राहुल कुमार, मरदह: “मैंने 1,000 रुपये में रजिस्ट्रेशन कराया, फिर दूसरा भी कर लिया। मेरे 2,000 रुपये चले गए।”
नितेश यादव, नसरतपुर: “15 दिन पहले 3,000 रुपये निवेश किए, अब पता चला फ्रॉड हो गया। साइबर सेल में शिकायत की है।”
नागेंद्र यादव, जगदीशपुर: “15,000 रुपये निवेश किए और अपने साथियों का भी निवेश कराया। शिकायत एसपी मऊ से की है।”
शशि राजभर, गोविंदपुर: “11,000 रुपये मऊ के एक परिचित के कहने पर लगाए, धोखा हो गया।”
मरदह क्षेत्र में ही करीब 300 लोग इस ठगी के शिकार बताए जा रहे हैं। कई गांवों के लोगों ने 1,000 से लेकर 15,000 रुपये तक का निवेश किया, जो अब पूरी तरह डूब गया।
फिशिंग वेबसाइट का खेल
साइबर सेल के अधिकारियों के मुताबिक, यह एक फिशिंग वेबसाइट थी—यानी एक ऐसी फर्जी वेबसाइट, जिसे किसी असली और भरोसेमंद कंपनी जैसा दिखाने के लिए डिजाइन किया गया था। इसमें लुभावने ऑफर देकर लोगों को पैसे लगाने के लिए फंसाया गया, और जब निवेश बढ़ गया तो ठग वेबसाइट बंद करके फरार हो गए।
पुलिस की अपील
एसपी डॉ. ईरज राजा ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक या वेबसाइट पर क्लिक न करें और लालच में आकर निवेश न करें। यदि कोई इस तरह के धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो तुरंत साइबर हेल्प डेस्क या साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि ऑनलाइन ठगी के जाल में फंसने से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।

