लखनऊ | The KN News | 3 सितंबर 2025
बाराबंकी के श्रीराम स्वरूप विश्वविद्यालय में छात्रों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजधानी लखनऊ में राजभवन के सामने जमकर नारेबाजी की और धरना-प्रदर्शन किया।
पुलिस ने किया बलप्रयोग, प्रदर्शनकारी हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को हटाया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया। बाद में सभी को ईको गार्डेन भेज दिया गया। इस बीच सपाइयों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
मामला कैसे शुरू हुआ?
सोमवार को श्रीराम स्वरूप विश्वविद्यालय में एलएलबी की डिग्री की वैधता को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इस घटना के बाद सरकार के खिलाफ विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया।
योगी सरकार की सख्त कार्रवाई
लाठीचार्ज के बाद विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई और तत्काल कार्रवाई करते हुए सीओ सिटी हर्षित चौहान को हटा दिया। वहीं, आरके राणा और गदिया चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया।
मंडलायुक्त करेंगे जांच
मामले की जांच अयोध्या के मंडलायुक्त राजेश कुमार को सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार, वे बुधवार शाम तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप देंगे।
सपा का आरोप
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि योगी सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। पार्टी नेताओं ने कहा कि जब छात्र अपनी डिग्री और भविष्य को लेकर सवाल कर रहे हैं, तो उन पर लाठीचार्ज करना लोकतंत्र की हत्या है।

