Headlines

दिल्ली दंगों के मामले में शरजील इमाम ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, जमानत के लिए याचिका दाखिल

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2025।
दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपित और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र शरजील इमाम ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा खारिज की गई जमानत याचिका को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में अपील दायर की है।

हाईकोर्ट ने खारिज की थी जमानत याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति शालिंदर कौर की खंडपीठ ने जुलाई में शरजील इमाम और सात अन्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत का कहना था कि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत सबूत यह दर्शाते हैं कि यह हिंसा पूर्व नियोजित और साजिश का हिस्सा थी।

किनकी याचिकाएं खारिज हुईं?

हाईकोर्ट ने जिन आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की हैं, उनमें शरजील इमाम के साथ उमर खालिद, गुलफिशा फातिमा, अतहर खान, अब्दुल खालिद सैफी, मोहम्मद सलीम खान, शिफा-उर-रहमान, मीरान हैदर और शादाब अहमद शामिल हैं।
इसके अलावा, तसलीम अहमद की जमानत याचिका को भी अलग बेंच (न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर) ने खारिज कर दिया था।

अभियोजन पक्ष का दावा

अभियोजन पक्ष ने अदालत में तर्क दिया था कि दिल्ली दंगे (फरवरी 2020) अचानक भड़की हिंसा नहीं थे, बल्कि यह “खतरनाक और सुनियोजित साजिश” का नतीजा थे।
प्रॉसिक्यूशन के अनुसार, शरजील इमाम और अन्य आरोपियों ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा फैलाने की योजना बनाई थी। आरोपपत्र में इमाम को इस साजिश का “मास्टरमाइंड” बताया गया है।

कौन से कानून के तहत लगे हैं आरोप?

सभी आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
इन धाराओं में राजद्रोह, आपराधिक षड्यंत्र और दंगा भड़काने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

दिल्ली दंगे – एक पृष्ठभूमि

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून और NRC के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के बीच हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसके अलावा, करोड़ों की संपत्ति का नुकसान भी दर्ज किया गया।

अब सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद शरजील इमाम ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिका पर आने वाले दिनों में शीर्ष अदालत सुनवाई कर सकती है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला न केवल शरजील इमाम बल्कि अन्य सह-आरोपियों की जमानत याचिकाओं के भविष्य का भी निर्धारण करेगा।

Don’t miss these tips!

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *