अयोध्या, 28 जनवरी 2025: गणतंत्र दिवस के अवसर पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ ने सभी को चौंका दिया। अधिकारियों के अनुसार, पिछले 30 घंटों में 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। महाकुंभ में स्नान करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं, जिससे यहां भीड़ का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कई उपाय किए हैं, और राम मंदिर के दर्शन के लिए लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए गेट नंबर तीन से भक्तों को बाहर निकाला जा रहा है।
भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था:
सोमवार को राम मंदिर सुबह 5 बजे खोला गया, और दर्शन का समय रात 11 बजे तक जारी रहेगा। राम मंदिर के दर्शन के लिए लगी लंबी कतारों ने श्रद्धालुओं को थोड़ी परेशान किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राम मंदिर में दर्शन करने में हर श्रद्धालु को लगभग 2 से 2.5 घंटे का समय लग रहा है। मंदिर परिसर के बाहर भीड़ की बढ़ती संख्या को देखते हुए, मंदिर के निकासी मार्ग को बदला गया है ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। अब श्रद्धालु राम जन्मभूमि मार्ग से अंगद टीला के पास से बाहर आ रहे हैं, जिससे भीड़ पर नियंत्रण पाया जा रहा है।
अयोध्या में अभी भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद हैं, जो रामलला और हनुमानगढ़ी मंदिरों के दर्शन करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन का अनुमान है कि आगामी अमावस्या और बसंत पंचमी महोत्सव तक अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी रहेगी।
मुख्यमंत्री की सख्त निगरानी:
प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही यह संभावना जताई थी कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उनकी निर्देशों के अनुसार, जिले का प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है। डिवीजनल कमिश्नर गौरव दयाल, आईजी प्रवीन कुमार और जिला मजिस्ट्रेट चंद्र विजय सिंह ने इलाके का निरीक्षण किया और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया। राम मंदिर ट्रस्ट भी मंदिर में बैठक कर भीड़ प्रबंधन के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है।
भीड़ प्रबंधन के प्रभावी उपाय:
प्रशासन के प्रयासों का परिणाम यह हुआ है कि भीड़ प्रबंधन में पर्याप्त सफलता मिल रही है। बड़ी गाड़ियों को मौरनी अमावस्या के दौरान अयोध्या में प्रवेश से रोका गया है, और अब अयोध्या में वाहन प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही, 20,000 लोगों के लिए अस्थायी आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है, जहां श्रद्धालु रुक सकते हैं।
नगर निगम आयुक्त संतोष शर्मा ने कहा कि सभी ठोस व्यवस्थाएं की गई हैं। शहर के चौकों और चौराहों को भव्य रूप से सजाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं का स्वागत किया जा सके और वे महसूस करें कि अयोध्या उनके लिए एक धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है।
अयोध्या में श्रद्धालुओं की इस विशाल संख्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भगवान राम के प्रति भारतीयों की श्रद्धा और आस्था कभी कम नहीं होगी। प्रशासन की प्रभावी व्यवस्थाओं के कारण, श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ रहा है, और अयोध्या में एक अद्भुत और ऐतिहासिक धार्मिक माहौल बना हुआ है।

