मिल्कीपुर, अयोध्या: उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की जनसभा में भारी जनसैलाब उमड़ने की संभावना के बीच प्रशासन द्वारा जानबूझकर अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया जा रहा है।
भारी वाहनों का डायवर्जन, जनता को किया परेशान
मिल्कीपुर में आयोजित अखिलेश यादव की जनसभा में जनता की भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन प्रशासन ने अचानक से भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया, जिससे लोगों को सभा स्थल तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। समाजवादी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि यह सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के इशारे पर किया गया कृत्य है, जो जनता की आवाज को दबाने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री की बौखलाहट या सत्ता का दुरुपयोग?
समाजवादी पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार अपनी हार सामने देख कर बौखला गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार चुनावी परिदृश्य में सपा की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है और इसी कारण सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है।
जनता सिखाएगी सबक
मिल्कीपुर की जनता में इस घटनाक्रम को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है। सभा में मौजूद सपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने कहा कि भाजपा सरकार की तानाशाही अब ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। जनता आगामी चुनाव में इसका करारा जवाब देगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए समाजवादी पार्टी को मजबूत करेगी।
निष्पक्ष चुनाव पर सवाल
इस घटनाक्रम ने प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सरकारी तंत्र का उपयोग कर विपक्ष की रैलियों को बाधित करना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है? यह सवाल अब प्रदेश की जनता के बीच बहस का विषय बन गया है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या सफाई देता है और क्या चुनाव आयोग इस मामले में कोई संज्ञान लेता है या नहीं।

