दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम की घोषणा से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को पार्टी के सभी 70 उम्मीदवारों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में दिल्ली मुख्यमंत्री अतिशी , पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और दिल्ली मंत्री इमरान हुसैन जैसे कई प्रमुख उम्मीदवार भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव परिणामों की तैयारियों पर चर्चा करना और विधायकों के कथित खरीद-फरोख्त को लेकर चिंता व्यक्त करना था।
कई उम्मीदवारों ने इस बैठक के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वे अरविंद केजरीवाल से चर्चा करने के बाद ही अगला कदम उठाएंगे। एएपी उम्मीदवार सुरेंद्र कुमार सेठिया ने ANI से कहा, “केजरीवाल जी ने बैठक बुलाई है, हम इसमें शामिल होंगे और चर्चा के बाद ही एजेंडा स्पष्ट होगा…(AAP) दिल्ली में सरकार मजबूत तरीके से बना रही है।”
मुस्तफाबाद से (AAP) उम्मीदवार आदिल अहमद खान ने कहा कि वह अरविंद केजरीवाल के सच्चे सिपाही हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, “भा.ज.पा. के पास सभी एजेंसियां हैं, जो वह कहीं भी भेज सकती हैं। भाजपा ने इन चुनावों में अपनी सभी एजेंसियों का इस्तेमाल किया है, यह शर्मनाक है।”
इसके अलावा, अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी उनके उम्मीदवारों को खरीदने की कोशिश कर रही है। उन्होंने एक पोस्ट में दावा किया कि भाजपा ने 16 (AAP) उम्मीदवारों को मंत्री पद और 15 करोड़ रुपये देने का वादा किया है अगर वे (AAP)छोड़कर भाजपा में शामिल हो जाएं। केजरीवाल ने “X” पर लिखा, “अगर भाजपा 55 से अधिक सीटें जीतने जा रही है तो हमारे उम्मीदवारों को क्यों फोन कर रही है? ये झूठे सर्वे एक साजिश के तहत एएपी उम्मीदवारों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हमारा एक भी उम्मीदवार पार्टी नहीं छोड़ेगा।”
भा.ज.पा. ने केजरीवाल के आरोपों को खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।
इस बीच, दिल्ली चुनाव परिणामों को लेकर जोरों-शोरों से चर्चाएं जारी हैं, और सभी दल अपने-अपने रणनीतियों पर काम कर रहे हैं।

