ग़ाज़ीपुर। सनातन धर्म और महाकुंभ को लेकर विवादित बयानों के कारण हमेशा सुर्खियों में रहने वाले सांसद अफजाल अंसारी एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। 13 फरवरी की रात, शादियाबाद थाना में उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला दर्ज किया गया।
क्या है पूरा मामला?
शादियाबाद क्षेत्र में 12 फरवरी को गुरु रविदास महाराज जनसेवा संस्थान ट्रस्ट के तत्वावधान में रविदास जयंती का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद अफजाल अंसारी पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने महाकुंभ को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की, जिससे हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुईं।
इस संबंध में बद्धोपुर, थाना बिरनो निवासी देवप्रकाश सिंह (पूर्व जिला सहकारी बैंक चेयरमैन) ने शादियाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 153ए (सामुदायिक सौहार्द को भड़काना) और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है।
पहले भी दिया था विवादित बयान
यह पहला मौका नहीं है जब अफजाल अंसारी पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा हो। इससे पहले भी महाकुंभ में साधुओं के गाजा पीने को लेकर दिए गए उनके बयान पर विवाद खड़ा हुआ था, जिस पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
सत्तारूढ़ दल ने अंसारी की कड़ी आलोचना करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
विपक्षी दल उनके समर्थन में उतर आए हैं और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।
स्थानीय प्रशासन ने जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
अफजाल अंसारी का बयान – ट्रेनों में अफरातफरी
इस दौरान सांसद ने ट्रेन यात्राओं में हो रही अव्यवस्थाओं को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा—
“ट्रेनों में भीड़ इतनी ज्यादा है कि लोग खिड़कियों के शीशे तोड़ रहे हैं, अंदर महिलाएं कांप रही हैं और बच्चे गोद में छिपकर रो रहे हैं। टीटी तक अपनी पहचान छिपाने के लिए काला कोट झोले में रख रहे हैं।”
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपनी आंखों से भगदड़ और अफरातफरी का दृश्य देखा और कहा कि यह स्थिति प्रशासन की नाकामी को दर्शाती है।
महाकुंभ 2025 के मद्देनजर विवाद बढ़ा
महाकुंभ 2025 से पहले इस विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। प्रशासन ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या होगा आगे?
फिलहाल, पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है और अंसारी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। इस पूरे विवाद पर अब राजनीति और कानूनी कार्यवाही का क्या रुख रहेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

