लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस ने महाकुंभ 2025 से जुड़ी फर्जी खबरें और भ्रामक वीडियो शेयर करने वाले 53 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य की साइबर एजेंसियां इन सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कड़ी निगरानी रख रही हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी प्रशांत कुमार के मुताबिक, साइबर पेट्रोलिंग के दौरान कई गुमराह करने वाले वीडियो मिले थे, जिनमें मिस्र में हुए अग्निकांड और पटना के गांधी मैदान की घटनाओं को महाकुंभ से जोड़कर गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की गई थी। इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा था, जिससे महाकुंभ के आयोजन को लेकर जनता में भ्रम और भय फैलाने की कोशिश की जा रही थी।
प्रशांत कुमार ने बताया कि पुलिस ने इन मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स को चिन्हित किया और उन पर सख्त कदम उठाए। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर निगरानी रखने वाली टीम लगातार इन अकाउंट्स पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की गलत सूचना को तुरंत रोका जा सके।
डीजीपी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस को महाकुंभ 2025 से संबंधित किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी और अफवाहों को फैलाने की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महाकुंभ के आयोजन से पहले से लेकर आयोजन के दौरान तक, पुलिस प्रशासन सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कड़ी नजर रखेगा।
महाकुंभ के आयोजन को लेकर यूपी पुलिस का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत सूचनाओं से बड़े पैमाने पर असमंजस और डर फैल सकता है। ऐसे में प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है और साइबर निगरानी में वृद्धि की है।
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से फैलने वाली अफवाहों पर काबू पाने के लिए बेहद जरूरी है। इससे जनता के बीच सही जानकारी का प्रसार होगा और महाकुंभ का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगा।

