गोरखपुर: निषाद समाज के लिए पिछले 10 वर्षों से संघर्षरत धर्मात्मा निषाद नामक युवा नेता ने रविवार को एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने जीवन को समाप्त करने की घोषणा की। पोस्ट में उन्होंने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन में आए संघर्षों, षड्यंत्रों और अपनों की गद्दारी को अपनी आत्महत्या के पीछे मुख्य कारण बताया।
संघर्षों से भरी रही जीवन यात्रा
धर्मात्मा निषाद ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह पिछले 10 वर्षों से उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद और निषाद पार्टी के साथ जुड़े रहे। उन्होंने निषाद समाज के दबे-कुचले लोगों की आवाज बुलंद करने के लिए पूरे प्रदेश में संगठन का विस्तार किया, लेकिन उनके बढ़ते प्रभाव से घबराकर मंत्री संजय निषाद और उनके बेटों ने उनके खिलाफ षड्यंत्र रचने शुरू कर दिए।
धर्मात्मा निषाद का कहना है कि उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए, उन्हें जेल भेजा गया और उनके ही साथियों को प्रलोभन देकर उनके खिलाफ खड़ा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय निषाद और उनके बेटों ने उन्हें कमजोर करने का हरसंभव प्रयास किया।
परिवार और समाज से माफी की अपील
धर्मात्मा निषाद ने अपनी पोस्ट में अपने परिवार, विशेष रूप से अपनी माँ, बहनों और पत्नी से माफी मांगी। उन्होंने लिखा कि समाज के लिए संघर्ष करते हुए वे अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे सके। उन्होंने अपने साथियों से निषाद समाज की लड़ाई जारी रखने की अपील भी की और निषाद पार्टी के शीर्ष नेताओं को समाज के असली दुश्मन बताया।
पोस्ट वायरल, पुलिस सक्रिय
धर्मात्मा निषाद की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे समाज में हलचल मच गई। पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गए हैं। संबंधित अधिकारियों ने धर्मात्मा निषाद की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें बचाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए संदेश
इस घटना ने एक बार फिर से राजनीतिक और सामाजिक जीवन में आने वाले मानसिक तनाव की ओर ध्यान आकर्षित किया है। यदि कोई भी व्यक्ति अवसाद या मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो उन्हें अपने परिवार, मित्रों या किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
(यह खबर एक संवेदनशील मामले से जुड़ी है। यदि आप या आपका कोई जानने वाला मानसिक तनाव या अवसाद से गुजर रहा है, तो कृपया तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें। आपकी जिंदगी अनमोल है।)

