प्रयागराज : प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ मेला 2025 का आयोजन अपने चरम पर है। इस बार महाशिवरात्रि (26 फरवरी) के दिन होने वाले अंतिम स्नान के लिए करोड़ों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचने वाले हैं। प्रशासन ने इस विशाल आयोजन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं।
आखिरी स्नान के लिए सुरक्षा उपाय
महाकुंभ के इस अंतिम स्नान के दिन भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने पुष्टि की कि सभी संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह से सतर्क हैं और 26 फरवरी को अंतिम स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए तैयार हैं।”
साथ ही, यातायात की जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने कई जगहों पर ट्रैफिक डाइवर्जन भी लागू किया है। इस दौरान परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन
प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की योजना बनाई गई है। उत्तर रेलवे ने दिल्ली से प्रयागराज के लिए चार विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है ताकि यात्रियों को सुविधा हो सके।
पानी की गुणवत्ता और स्वच्छता के उपाय
महाकुंभ मेला 2025 के दौरान गंगा और यमुनाओं के जल की गुणवत्ता को लेकर भी कुछ चिंताएँ सामने आई हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने रिपोर्ट में बताया कि प्रयागराज के विभिन्न स्थानों पर नदी के पानी में फीकल कोलिफॉर्म का स्तर मानक से अधिक पाया गया है। हालांकि, प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और लगातार सफाई और जल गुणवत्ता पर नजर रखे हुए है।
संवेदनशील स्थानों पर तैनात सुरक्षा बल
महाकुंभ के इस अहम स्नान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने मिलकर सुरक्षा की जांच की है। CRPF के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने की सलाह दी।
अंतिम स्नान पर विशेष ध्यान
26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर होने वाले अंतिम स्नान में अनुमानित रूप से करोड़ों श्रद्धालु शामिल होंगे। इस दौरान प्रशासन श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए ट्रैफिक, सुरक्षा और सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने में जुटा है।
महाकुंभ मेला एक विशाल धार्मिक आयोजन है, और इसके सफल आयोजन के लिए प्रशासन ने पहले से ही सभी जरूरी कदम उठाए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

