हाल ही में फिजिक्सवाला (PW) पर उसके फ्रेंचाइज़ी पार्टनर्स के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप लगे हैं। PW के पूर्व सेंटर हेड अमित यादव द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में यह दावा किया गया है कि कंपनी पहले विभिन्न शहरों में फ्रेंचाइज़ी देती है और जब व्यवसाय सफल होने लगता है, तो फ्रेंचाइज़ी पार्टनर को बाहर कर खुद सेंटर को टेकओवर कर लेती है।
क्या है मामला?
अमित यादव के अनुसार, PW ने मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और नारनौल सेंटरों के साथ ऐसा ही किया है। इन फ्रेंचाइज़ी पार्टनर्स के साथ पाँच साल का समझौता किया गया था, लेकिन मात्र दो साल में ही इसे तोड़ दिया गया। इस कदम के पीछे मुख्य कारण पैसे और छात्रों की संख्या बताई जा रही है।
नारनौल सेंटर का विवाद
अमित यादव ने विशेष रूप से नारनौल सेंटर का जिक्र करते हुए बताया कि इस सेंटर ने पिछले साल टॉप 3 NEET टॉपर्स दिए थे और कुल 360 छात्रों को जोड़ा था, जबकि इस साल यह संख्या 500 से अधिक हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि PW ने सेंटर की सफलता को देखते हुए इसे जबरन टेकओवर करने का फैसला किया।
क्या यह IPO से जुड़ा मामला है?
अमित यादव ने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह सब PW के आगामी IPO से जुड़ा हुआ है? उन्होंने कहा कि PW एक नीति के तहत काम कर रही है, जिसमें जहां भी उसका फ्रेंचाइज़ी सेंटर अच्छा प्रदर्शन करता है, वह उसे टेकओवर कर लेती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी बिना किसी पूर्व सूचना या सेटलमेंट के सेंटर पर कब्ज़ा कर लेती है और अपने तरीके से संचालन शुरू कर देती है।
फ्रेंचाइज़ी पार्टनर्स के लिए चिंता का विषय
यह मामला उन सभी संस्थानों के लिए चिंता का विषय बन गया है जो PW के साथ जुड़ने की सोच रहे हैं। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह छोटे व्यवसाय मालिकों के लिए एक बड़ा झटका होगा जो अपने संसाधन और मेहनत लगाकर इन सेंटरों को विकसित करते हैं।
PW का पक्ष अभी तक स्पष्ट नहीं
फिलहाल, फिजिक्सवाला की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह कंपनी की साख के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है।
अब देखना होगा कि PW इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या फ्रेंचाइज़ी पार्टनर्स को न्याय मिल पाता है या नहीं।

