वाराणसी, 17 मई 2025 |
योगी सरकार द्वारा गरीब परिवारों की बेटियों की शादी को सुगम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एक बार फिर अव्यवस्था और कुप्रबंधन की भेंट चढ़ती नजर आई। वाराणसी के हरहुआ क्षेत्र स्थित काशी कृषक इंटर कॉलेज में आयोजित समारोह में भोजन को लेकर ऐसा हंगामा मचा कि दूल्हा-दुल्हन तक भूखे रह गए।
197 जोड़ों का विवाह, लेकिन व्यवस्था बेहाल
इस समारोह में कुल 197 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जिनमें चिरईगांव, हरहुआ, चोलापुर, पिंडरा, बड़ागांव और आराजीलाइन के जोड़े शामिल थे। चार मुस्लिम जोड़ों का निकाह भी कराया गया। विवाह की रस्में शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद जैसे ही खाने की घोषणा हुई, वहां अव्यवस्था का माहौल बन गया।
खाने के लिए धक्कामुक्की, स्टाल छोड़कर भागे कर्मचारी
खाना शुरू होते ही लोगों की भीड़ स्टालों पर टूट पड़ी। न पंक्ति, न व्यवस्था—लोग दोना-पत्तल लेकर एक-दूसरे को धकेलते हुए भोजन लेने की होड़ में लग गए। कुछ महिलाएं तो पूड़ी-सब्जी से भरी पत्तलें लेकर बाहर निकलती नजर आईं, जबकि स्टाल पर मौजूद कर्मचारी भीड़ से घबराकर मौके से भाग निकले।
भूखे लौटे मेहमान, शर्मिंदा दिखे वर-वधू के परिवार
इस कार्यक्रम में आए कई दूल्हों के पिता तक को भोजन नहीं मिल सका। भीषण गर्मी और बदइंतजामी के कारण कई लोग बिना खाना खाए ही लौटने पर मजबूर हो गए। इस दौरान महिलाएं खुद ही स्टाल से पत्तल उठाकर भर-भर कर भोजन ले जाती देखी गईं।
नेताओं ने दिए आशीर्वचन, लेकिन अनदेखी रही अव्यवस्था
समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और कहा कि सरकार गरीब बेटियों की शादी में सहयोग के लिए कृतसंकल्पित है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, विधायक त्रिभुवन राम और विधायक नील रतन पटेल भी मौजूद रहे। लेकिन, मंच से दिए गए ये आश्वासन जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते दिखे।

