Headlines

राणा सांगा विवाद: करणी सेना का सपा सांसद रामजीलाल सुमन के घर हमला, पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल

आगरा: राणा सांगा पर दिए गए विवादित बयान को लेकर करणी सेना ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर हमला बोल दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में करणी सेना के कार्यकर्ता बुलडोजर लेकर पहुंचे और सांसद के आवास पर जमकर तोड़फोड़ की। पुलिस से हुई झड़प के बाद स्थिति और बिगड़ गई, जिससे बवाल मच गया। इस हिंसक घटनाक्रम में पथराव भी हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

घटना का विवरण

यह घटना आगरा के हरीपर्वत इलाके में स्थित रामजीलाल सुमन के आवास पर घटी। करणी सेना के कार्यकर्ता सुबह से ही अपने पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे और उनके इरादे स्पष्ट थे। एत्मादपुर में करणी सेना के सदस्य जुटे थे, जहां पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दोपहर के समय सांसद के घर पहुंच गए।

संसद सदस्य के घर पहुंचने के बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी और विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने उन्हें रोका तो वे उग्र हो गए। इस दौरान पुलिस पर हमला किया गया और वहां रखी कुर्सियों को फेंक दिया गया। डंडों से तोड़फोड़ की गई और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया। इस पथराव में एक इंस्पेक्टर समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

पुलिस का दमनात्मक कार्यवाही

घटना की जानकारी मिलने के बाद थाना हरीपर्वत से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने लाठियां भांजते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। इसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया। पुलिस ने बल प्रयोग कर हिंसा को शांत किया और स्थिति को काबू में किया।

राणा सांगा पर विवाद

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने हाल ही में राणा सांगा पर विवादित बयान दिया था, जिससे करणी सेना के कार्यकर्ता नाराज हो गए। राणा सांगा, जो मेवाड़ के इतिहास में एक प्रमुख व्यक्तित्व माने जाते हैं, उनके बारे में सांसद द्वारा दिए गए बयान ने करणी सेना को गुस्से में ला दिया और उन्होंने विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया। इस बयान को लेकर करणी सेना के नेताओं का कहना है कि यह बयान उनके समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला था, इसलिए उन्होंने सांसद के घर पर हमला किया।

पुलिस बल की तैनाती और स्थिति

घटना के बाद, पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया और स्थिति को काबू करने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस की कोशिश थी कि इलाके में शांति बनी रहे और कोई और अप्रिय घटना न घटे।

यह घटना एक बार फिर यह स्पष्ट करती है कि जब राजनीतिक बयानबाजी और सामाजिक संगठनों के बीच टकराव होता है, तो इसका असर आम लोगों और पुलिस तक भी पहुंचता है। पुलिस ने हरसंभव प्रयास किया, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को आगे और कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी।

Don’t miss these tips!

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *