वाराणसी, 24 अप्रैल 2025:
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में वाराणसी (काशी) में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को लेकर प्रशासन की सतर्कता बढ़ा दी गई है।
पुलिस प्रशासन की जानकारी के अनुसार, वर्तमान में वाराणसी में कुल 10 पाकिस्तानी नागरिक रह रहे हैं। इनमें से सात लोग विवाह और तलाक के आधार पर भारत आए हैं और यहां लांग टर्म वीजा (Long Term Visa – LTV) के अंतर्गत रह रहे हैं। इसके अतिरिक्त दो हिंदू बुजुर्ग महिलाएं भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन देकर काशी में निवास कर रही हैं। वहीं, एक 75 वर्षीय बुजुर्ग पाकिस्तानी नागरिक हाल ही में 45 दिन के वीजा पर भारत आए हैं।
हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को दिए गए एसवीईएस (SVES) वीजा को रद्द करने की घोषणा के बाद जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हो गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उच्च स्तर से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उनका सख्ती से पालन कराया जाएगा।
पृष्ठभूमि:
पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने कई कड़े फैसले लिए हैं, जिनमें पाकिस्तान के नागरिकों के वीजा रद्द करने और सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने जैसे कदम शामिल हैं। इन फैसलों का प्रभाव सीधे तौर पर उन पाकिस्तानी नागरिकों पर पड़ रहा है जो किसी कारणवश भारत में रह रहे हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया:
काशीवासियों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोगों ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है, जबकि कुछ ने मानवीय आधार पर इन नागरिकों को राहत देने की मांग की है।
भारत-पाकिस्तान संबंधों में आए इस तनावपूर्ण मोड़ का असर अब आम जीवन पर भी पड़ने लगा है। वाराणसी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक शहर में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की स्थिति आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगी, जब केंद्र से दिशा-निर्देश आएंगे।

