हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद मां वैष्णो देवी यात्रा पर व्यापक असर पड़ा है। श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जहां सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब 40 हजार श्रद्धालु कटड़ा से भवन की ओर प्रस्थान करते थे, वहीं शनिवार शाम छह बजे तक यह संख्या घटकर केवल 18,600 रह गई।
कटड़ा में होटल संचालकों, ट्रैवल एजेंट्स और स्थानीय दुकानदारों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में बुकिंग में 30-40% तक की गिरावट देखी गई है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी सामान्य भीड़ अब नदारद है। होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों में बुकिंग प्रभावित हुई है, जिससे स्थानीय कारोबारियों को नुकसान हो रहा है।
श्रद्धालुओं में बढ़ा डर, सुरक्षा को लेकर सतर्कता
पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से आने वाले श्रद्धालु सप्ताहांत में दर्शन के लिए जरूर पहुंच रहे हैं, लेकिन उनकी संख्या भी पहले की तुलना में कम है। श्रद्धालु सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं और परिवारों के साथ यात्रा करने में हिचकिचा रहे हैं।
इस स्थिति को देखते हुए कटड़ा से भवन तक के मार्ग पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। CRPF, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। यात्रियों की सघन जांच और स्क्रीनिंग की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।
श्राइन बोर्ड और प्रशासन की अपील
वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और जिला प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं को आश्वस्त कर रहा है कि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित है। सोशल मीडिया और स्थानीय माध्यमों से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे डरें नहीं और मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आएं। स्थानीय व्यापारियों ने भी श्रद्धालुओं से डर न दिखाने और यात्रा को सामान्य बनाए रखने की अपील की है।
व्यवसाय पर सीधा असर
यात्रियों की संख्या में गिरावट से होटल, टैक्सी, ऑटो, रेस्टोरेंट और दुकानों पर सीधा असर पड़ा है। कारोबारियों को उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य होंगे और श्रद्धालुओं की संख्या फिर से बढ़ेगी। जो श्रद्धालु पहुंचे हैं, उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष जताते हुए कहा कि मां वैष्णो देवी का आशीर्वाद उन्हें हर संकट से बचाएगा।

