राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामजीलाल सुमन के काफिले को रविवार को अलीगढ़ में विरोध का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, जैसे ही उनका काफिला हाथरस से बुलंदशहर की ओर बढ़ा, करणी सेना और क्षत्रिय समाज के कार्यकर्ताओं ने खेरेश्वर चौराहे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध के दौरान काले झंडे दिखाए गए और काफिले की ओर टायर फेंके गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
हड़बड़ाहट में आपस में टकराईं गाड़ियां, कई लोग घायल
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए काफिले में हड़बड़ी मच गई और तेज रफ्तार के कारण काफिले की पांच गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिनमें एडवोकेट ब्रज मोहन, लल्लन बाबू, वीरपाल सिंह, सत्यपाल सिंह, सुरेश नेत्रपाल, पूरनचंद सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने काफिले को गभाना टोल पर रोका, हुई नोकझोंक
घटना के बाद जब काफिला गभाना टोल प्लाजा पहुंचा, वहां अलीगढ़ और बुलंदशहर पुलिस पहले से तैनात थी। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से काफिले को वहीं रोक दिया। इस दौरान रामजीलाल सुमन और सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी बहस हुई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि काफिले पर पथराव भी किया गया। अंततः पुलिस ने सांसद को वापस लौटने को कहा और कुछ कार्यकर्ताओं को ही आगे बढ़ने की अनुमति दी।
दलितों पर हुए हमले की जांच के लिए जा रहे थे सुमन
रामजीलाल सुमन, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर बुलंदशहर के सुनहेरा गांव जा रहे थे, जहां हाल ही में एक घटना में दलित समाज के चार लोगों को काले रंग की थार गाड़ी से कुचल दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया है।
करणी सेना ने क्यों किया विरोध?
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ठा. ज्ञानेंद्र सिंह चौहान के अनुसार, विरोध की योजना पहले से बनाई गई थी। संगठन का आरोप है कि रामजीलाल सुमन का दौरा राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित था और क्षत्रिय समाज को बदनाम करने की कोशिश हो रही थी।
मामले में दर्ज होगा मुकदमा: पुलिस
अलीगढ़ के एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि काफिले पर टायर फेंकने की घटना की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि गभाना थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

