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‘तीन साल के बच्चे से पूछेंगे, दुष्ट देश कौन है तो…’ – प्रियंका चतुर्वेदी ने हिना रब्बानी को सुनाई खरी-खरी, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की सख्त चेतावनी

नई दिल्ली।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद पाकिस्तान एक बार फिर झूठे प्रचार और मनगढ़ंत कहानियों के सहारे दुनिया को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। इस बार पाकिस्तान की पूर्व विदेश मामलों की राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार ने भारत पर तीखा हमला बोला, लेकिन भारत की ओर से उन्हें जोरदार जवाब मिला। शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी और भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने पाकिस्तान की असलियत उजागर करते हुए कड़ा संदेश दिया।

क्या है ऑपरेशन सिंदूर?

हाल ही में भारतीय सेना द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अंतर्गत एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले कर 100 से अधिक आतंकियों को ढेर किया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य भारत के खिलाफ साजिश रच रहे आतंकी संगठनों के नेटवर्क को ध्वस्त करना था।

पाकिस्तान का जहर, भारत की सच्चाई

ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की सियासत में खलबली मच गई। हिना रब्बानी खार ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि “भारत अब एक रोग-ग्रस्त देश बन गया है जिसे लगता है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाकर भी बच सकता है।” उन्होंने भारत को ‘नियमों को तोड़ने वाला’ करार दिया।

हालांकि, भारत की तरफ से त्वरित और करारा जवाब आया। प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर हिना के बयान को रीपोस्ट करते हुए लिखा:

“दुनिया में अगर किसी भी 3 साल के बच्चे से पूछेंगे कि दुष्ट देश कौन है, तो वह पाकिस्तान का ही नाम बताएगा। ओसामा बिन लादेन से लेकर मौलाना मसूद अजहर, दाऊद इब्राहिम, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे तमाम आतंकियों और संगठनों को पनाह देने वाला पाकिस्तान ही है। जब दुष्ट खुद कानून की बात करने लगे, तो समझिए नियमों का मजाक बन रहा है।”

विक्रम मिसरी ने भी सुनाई खरी-खरी

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भी पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:

“मुझे यह याद दिलाने की जरूरत नहीं है कि ओसामा बिन लादेन कहां छिपा था और किसने उसे शहीद बताया था। पाकिस्तान न केवल आतंकवादियों को पनाह देता है बल्कि उन्हें राजकीय सम्मान भी देता है। ऑपरेशन सिंदूर में जो लोग मारे गए, वे आतंकवादी थे। अगर आतंकियों को अंतिम विदाई में झंडा लपेटा जा रहा है, तो पाकिस्तान की मानसिकता खुद को बयां कर रही है।”

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान में बड़ी संख्या में ऐसे आतंकी हैं जो संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों द्वारा प्रतिबंधित हैं, लेकिन वहां खुलेआम घूमते हैं और सरकार का समर्थन पाते हैं।

दुनिया की आंखें खोलता भारत

भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति “ज़ीरो टॉलरेंस” की है। ऑपरेशन सिंदूर न केवल आतंक के अड्डों को नष्ट करने की एक रणनीतिक कार्रवाई थी, बल्कि यह एक कड़ा संदेश भी था कि भारत अब सिर्फ जवाब नहीं देगा, बल्कि पहल करेगा।

भारत ने यह भी संदेश दिया है कि अब आतंकवाद के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। जो देश आतंक को पनाह देते हैं, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब किया जाएगा।

हिना रब्बानी जैसे नेताओं की बयानबाजी और पाकिस्तान की दोहरी नीति को भारत ने न केवल सैन्य बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी करारा जवाब दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने यह साबित किया कि वह अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर स्तर पर तैयार है। अब यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर है कि वह पाकिस्तान की असलियत को कब तक नजरअंदाज करता है।

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