सासाराम, बिहार।
रविवार, 17 अगस्त 2025 से कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिहार के सासाराम से अपनी चुनावी ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ की शुरुआत कर दी है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के मामलों को उजागर करना है। राहुल गांधी ने मंच से स्पष्ट किया कि यह यात्रा संविधान और मताधिकार की रक्षा की लड़ाई है।
इस यात्रा के दौरान महागठबंधन के तमाम वरिष्ठ नेता भी सासाराम में मौजूद रहे। इसमें राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के मुखिया मुकेश साहनी शामिल हुए। इस कार्यक्रम ने महागठबंधन की एकजुटता का प्रतीक स्वरूप प्रस्तुत किया।
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी
सासाराम में आयोजित जनसभा के दौरान बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कई जीवित मतदाताओं को मृत घोषित कर सूची से हटाया गया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग ने जिन नामों को हटाया, उनमें कई जिंदा लोगों के भी नाम शामिल थे।
राजद सांसद मनोज झा ने इस घटना को मतदाताओं के अधिकारों पर हमला बताते हुए कहा, “चुनाव आयोग अब अंपायर कम और खिलाड़ी ज्यादा नजर आ रहा है। जो शुरुआत बिहार से हुई है, वही आगे अन्य राज्यों में भी होगी।”
वहीं चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि मतदाता सूची में किसी भी त्रुटि को ‘दावा और आपत्ति’ की अवधि के दौरान ही उठाना चाहिए था। आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता सूची राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के साथ साझा की जाती है, ताकि समय रहते किसी भी गड़बड़ी को ठीक किया जा सके।
राहुल गांधी का सीधा आरोप: भाजपा की साजिश
‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के मंच से राहुल गांधी ने साफ कहा कि भाजपा हर चुनाव में हेरफेर कर जीत सुनिश्चित करती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव जीतने के चार महीने बाद भाजपा ने विधानसभा चुनाव में भी सफलता हासिल की। राहुल गांधी ने कहा, “हमने पता किया कि हर विधानसभा क्षेत्र में लाखों नए वोटर जोड़े गए, जिसकी बदौलत भाजपा ने चुनाव जीत लिया। अब यही तरीका बिहार विधानसभा चुनाव से पहले SIR के जरिए अपनाया जा रहा है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यह केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह देश के अन्य हिस्सों में भी लागू हो सकता है। राहुल गांधी ने कहा, “SIR के माध्यम से जो वोट चोरी हो रही है, उसे हम पूरे बिहार की जनता के सामने लाएंगे। यह लड़ाई संविधान और मताधिकार को बचाने की है। हम गरीबों के वोट की चोरी नहीं होने देंगे।”
महागठबंधन नेताओं की प्रतिक्रिया
तेजस्वी यादव का संदेश
राजद नेता तेजस्वी यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “बिहार लोकतंत्र की जननी है। संविधान ने देश के गरीब से गरीब और ताकतवर से ताकतवर व्यक्ति को भी वोट का अधिकार दिया है। लेकिन भाजपा चुनाव आयोग के माध्यम से इस अधिकार को छीन रही है। राहुल गांधी ने उन लोगों को अपने घर बुलाया, जिन्हें चुनाव आयोग ने मृत घोषित कर दिया था और उनके साथ चाय पी।”
तेजस्वी ने यह भी कहा कि बिहार के लोग भले गरीब हों, लेकिन गांव का बच्चा-बच्चा जागरूक है। उन्होंने बिहार सरकार पर अपनी घोषणाओं को चुराने का आरोप लगाया और वादा किया कि आने वाली सरकार बेरोजगारी समाप्त करेगी, उद्योग-धंधे बढ़ाएगी, चिकित्सा व्यवस्था मजबूत करेगी, शिक्षा का स्तर बढ़ाएगी और कानून का राज सुनिश्चित करेगी।
लालू यादव और अन्य नेताओं का समर्थन
महागठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेता भी मंच पर उपस्थित थे। लालू प्रसाद यादव और मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी की इस पहल की सराहना की। VIP प्रमुख मुकेश साहनी ने भी महागठबंधन की ताकत और एकजुटता को दर्शाया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
राहुल गांधी की इस यात्रा के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए। सूअरा हवाई अड्डा स्थित जनसभा स्थल पर 115 दंडाधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए। सभा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही थी। भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए हेलीपैड और सभा स्थल तक पहुंचने वाले मार्गों को अस्थायी रूप से बदल दिया गया।
यात्रा का राजनीतिक महत्व
सासाराम और रोहतास जिले में कुल दो लोकसभा और सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में इन सभी सीटों पर महागठबंधन का कब्जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राहुल गांधी की यह यात्रा महागठबंधन की एकजुटता को प्रदर्शित करने और मतदाताओं को जागरूक करने में मददगार साबित होगी।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग की कथित दलील पर तंज कसते हुए कहा, “मतदाता सूची की त्रुटियों को पिछले चुनावों के दौरान आपत्ति काल में उठाना चाहिए था। यह ऐसा है जैसे कोई चोरी मान ले और कहे कि समय पर पकड़ा क्यों नहीं। क्या आपने कभी ऐसी बात सुनी है?”
राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा बिहार में मतदाता जागरूकता बढ़ाने, एसआइआर की सच्चाई उजागर करने और महागठबंधन की ताकत दिखाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस यात्रा में शामिल वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने महागठबंधन की एकजुट रणनीति को स्पष्ट कर दिया है।
जैसे-जैसे यह यात्रा आगे बढ़ेगी, बिहार के मतदाता और विपक्षी दल भाजपा और चुनाव आयोग पर उठाए गए आरोपों के प्रभाव को करीब से देख सकेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह यात्रा न केवल मतदाता जागरूकता बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की जीत की दिशा को भी प्रभावित कर सकती है।
राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया कि यह यात्रा सिर्फ विरोध प्रदर्शित करने के लिए नहीं है, बल्कि यह संविधान और लोकतंत्र के संरक्षण की लड़ाई है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के गरीब और मध्यवर्गीय मतदाता अपने अधिकारों के लिए हमेशा जागरूक और सतर्क रहें।

