कानपुर। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को गैंगस्टर एक्ट मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके घर और परिवार में खुशी का माहौल देखने को मिला। देर शाम जब इरफान की पत्नी और मौजूदा विधायक नसीम सोलंकी प्रयागराज से कानपुर स्थित घर लौटीं तो सपाइयों और परिजनों ने आतिशबाजी कर उनका भव्य स्वागत किया। मिठाइयाँ बांटी गईं और देर रात तक बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
खुशी का माहौल, कार्यकर्ताओं का जमावड़ा
सपा विधायक मो. हसन रूमी सहित कई स्थानीय नेता और समर्थक नसीम सोलंकी के घर पहुंचे। समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की और इरफान की जल्द रिहाई की उम्मीद जताई। पूरे इलाके में देर रात तक आतिशबाजी होती रही।
परिवार की भावनाएँ
नसीम सोलंकी ने बताया कि सोमवार तक इरफान सोलंकी को महाराजगंज जेल से रिहा कर दिया जाएगा और पूरा परिवार उन्हें लेने के लिए जेल जाएगा। वहीं, इरफान के बेटे मुस्तफा ने कहा, “34 महीने हमने संघर्ष किया और बहुत मुश्किल समय देखा। अब अल्लाह का शुक्र है कि बड़ी राहत मिली।”
उन्होंने भावुक होकर बताया कि जब उनके पिता को महाराजगंज जेल शिफ्ट किया जा रहा था, उस वक्त वह गाड़ी में बैठे रो रहे थे और सभी से दुआ की कामना कर रहे थे।
पुलिस की तैनाती
जश्न को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया। पुलिसकर्मी पूरे समय घर के आसपास निगरानी करते रहे।
दूसरी ओर वादी पक्ष की चिंता
वहीं, इस मामले की वादी नजीर फातिमा का घर इस समय ताला बंद मिला। फोन पर उनकी बेटी कनिज जेहरा ने कोर्ट के आदेश को स्वीकार करने की बात कही, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इरफान के जेल से बाहर आने के बाद उनके परिवार को जान का खतरा है।
उन्होंने बताया कि उनकी मां नजीर फातिमा को पहले ही सुरक्षा दी जा चुकी है, लेकिन अब वह अपने भाइयों – साजिद हुसैन, शमशुल हुसैन और मोहम्मद हसन – की सुरक्षा के लिए भी पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाएंगी। कनिज के मुताबिक, परिवार उन्नाव में रिश्तेदारी में गमी के कारण मौजूद है और इसी वजह से घर पर ताला पड़ा है।
आगे की प्रक्रिया
हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद अब गैंगस्टर कोर्ट में औपचारिकताएँ पूरी की जा रही हैं। जमानतदारों का सत्यापन होने के बाद रिहाई परवाना जारी होगा। अगर सबकुछ समय पर हुआ तो दशहरे से पहले ही इरफान और उनके भाई रिज़वान सोलंकी की रिहाई संभव हो सकेगी।

