अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद से अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस कड़ी के तहत, हाल ही में अमेरिका से अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस भारत भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है। एक सैन्य विमान, जो सैन एंटोनियो से उड़ा था, अब भारत के अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड करने वाला है। इस विमान में सवार भारतीय नागरिकों में से अधिकांश पंजाब राज्य से हैं, लेकिन हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और चंडीगढ़ से भी लोग सवार हैं।
अमेरिका सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज़ कर दी है, और यह कदम ट्रंप प्रशासन के डिपोर्टेशन प्रोग्राम का हिस्सा है, जो अब तक का सबसे बड़ा माना जा रहा है। अमेरिकी सेना ने ग्वाटेमाला, पेरू और होंडुरास जैसे देशों में भी अवैध प्रवासियों को सैन्य विमानों से भेजा है। ट्रंप प्रशासन ने आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट) टीम के जरिए 12 राज्यों में छापेमारी की और बड़ी संख्या में अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें से 1700 भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया गया था, और लगभग 18000 भारतीयों को डिपोर्ट किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
आईसीई के डेटा के अनुसार, अमेरिका में लगभग 17940 भारतीय अवैध प्रवासी हैं। इन प्रवासियों को कानूनी प्रक्रिया के कारण जेल में नहीं डाला गया, लेकिन वे अमेरिका में अवैध तरीके से घुसे हैं। इस प्रक्रिया को पूरा होने में कई साल लग सकते हैं, जो कई बार लंबी कागजी कार्यवाही में फंसने के कारण होता है। अमेरिकी सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में भारतीय नागरिकों को ए1 बी वीजा जारी किए गए थे, जिनमें से तीन चौथाई लोग भारतीय थे।
ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद से अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका के लिए सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी है, और इसके अंतर्गत ट्रंप ने अवैध प्रवासियों को उनके मूल देशों में वापस भेजने की प्रक्रिया तेज़ी से शुरू कर दी है।
अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ यह अभियान अब बड़े स्तर पर चल रहा है, और इससे जुड़ी ताज़ी अपडेट्स के लिए लोगों को खबरों से जुड़े रहने की सलाह दी जा रही है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य न केवल अवैध प्रवासियों की संख्या को नियंत्रित करना है, बल्कि अमेरिका के कानून की इज्जत भी बनाए रखना है।

