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डोनाल्ड ट्रम्प का तीसरा सप्ताह: 92 आदेश, व्यापार टैरिफ और विवाद

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने तीसरे सप्ताह में एक बार फिर से अपनी राजनीति की धारा को बदलते हुए 92 कार्यकारी आदेश जारी किए हैं। 20 जनवरी, 2025 को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद, ट्रम्प ने अपने पहले 20 दिनों में इन आदेशों को लागू करके सबको चौंका दिया है। इन आदेशों ने न केवल अमेरिकी राजनीति को प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक संबंधों पर भी गहरा प्रभाव डाला है। आइए जानते हैं उनके कुछ महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में:

1. व्यापार टैरिफ पर बड़ा कदम

ट्रम्प ने अपने व्यापार नीतियों को लेकर एक कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने चीन से आयातित वस्त्रों और अन्य सामानों पर 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाने का आदेश दिया है। ट्रम्प के मुताबिक, यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, खासकर मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध आप्रवासन के मुद्दे से निपटने के लिए। हालांकि, इस कदम ने वैश्विक बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये टैरिफ बढ़ाए गए तो इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति में वृद्धि हो सकती है और आर्थिक विकास की गति धीमी हो सकती है।

2. पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिकी वापसी

ट्रम्प ने पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका को वापस लेने का निर्णय लिया है। यह कदम वैश्विक पर्यावरणीय प्रयासों के खिलाफ माना जा रहा है, क्योंकि इससे वैश्विक तापमान वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को कमजोर किया जा सकता है। ट्रम्प ने पर्यावरणीय नियमों में भी ढील देने की घोषणा की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि उनके प्रशासन के तहत पर्यावरण संरक्षण से ज्यादा आर्थिक वृद्धि को प्राथमिकता दी जाएगी।

3. टिकटॉक के मामले में निर्णय

ट्रम्प ने एक और महत्वपूर्ण फैसले में टिकटॉक को अमेरिका में संचालित करने की अनुमति दी है, जो पहले प्रतिबंधित किए जाने की संभावना थी। हालांकि, ट्रम्प ने इसके संचालन को लेकर एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत यह साफ किया गया कि टिकटॉक को अमेरिकी बाजार में अपनी सेवाएं जारी रखने की इजाजत होगी। फिर भी, इस फैसले के साथ कुछ सुरक्षा चिंताएं बनी हुई हैं, खासकर चीनी कंपनी के डेटा सुरक्षा को लेकर।

4. सरकारी कर्मचारी और एलोन मस्क का प्रभाव

ट्रम्प के तीसरे सप्ताह में एलोन मस्क द्वारा स्थापित ‘गवर्नमेंट एफिशियेंसी डिपार्टमेंट’ (DOGE) ने सरकारी कर्मचारियों पर भारी दबाव डाला है। यूएसएआईडी और सीआईए के कर्मचारियों सहित कई संघीय कर्मचारियों की छंटनी की खबरें आई हैं। एलोन मस्क का यह विभाग सरकारी तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इस कदम ने कई सरकारी कर्मचारियों में असंतोष पैदा किया है। कर्मचारियों को इस्तीफा देने का दबाव भी बढ़ा है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर अस्थिरता की स्थिति पैदा हो रही है।

डोनाल्ड ट्रम्प का तीसरा सप्ताह अमेरिकी राजनीति और वैश्विक संबंधों में बदलाव का कारण बन चुका है। व्यापार, पर्यावरण, और सरकारी सुधारों पर लिए गए फैसले ट्रम्प के प्रशासन की दिशा को स्पष्ट करते हैं। जहां एक ओर कुछ कदमों को सुधारात्मक माना जा रहा है, वहीं इन फैसलों ने विवादों और आलोचनाओं को भी जन्म दिया है। ट्रम्प के इस तेज-तर्रार फैसले आगे चलकर अमेरिकी राजनीति के दिशा-निर्देशों को तय करेंगे, और ये देखा जाएगा कि क्या ये कदम अमेरिकी और वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता ला पाते हैं या नहीं।

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