बांग्लादेश ट्रेन हादसे के वीडियो को महाकुंभ का बताने पर 34 पर मुकदमा दर्ज
उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाते हुए उन 34 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिन्होंने बांग्लादेश में 2022 में हुए एक ट्रेन अग्नि दुर्घटना के वीडियो को महाकुंभ 2025 से जोड़कर सोशल मीडिया पर वायरल किया। इन सभी पर गलत जानकारी फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य माध्यमों पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें ट्रेन में आग लगी हुई दिख रही थी। इसे प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ मेले से जोड़कर साझा किया गया। जबकि हकीकत में यह वीडियो 2022 में बांग्लादेश में हुई एक ट्रेन दुर्घटना का था।
उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर सेल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फैक्ट-चेक किया और पाया कि वीडियो फर्जी तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसके बाद यूपी पुलिस ने इस वीडियो को शेयर करने वाले 34 लोगों की पहचान की और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।
किन पर हुई कार्रवाई?
यूपी पुलिस ने फर्जी खबर फैलाने वाले 34 सोशल मीडिया अकाउंट्स को चिन्हित किया है, जिनमें प्रमुख रूप से यूट्यूब और इंस्टाग्राम के यूजर्स शामिल हैं। इन पर आईटी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इन अकाउंट्स के संचालकों को ट्रैक कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी।
पुलिस की चेतावनी
उत्तर प्रदेश पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी वीडियो या खबर को सोशल मीडिया पर साझा न करें। पुलिस ने यह भी कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला दर्शाता है कि सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यूपी पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। आम जनता को चाहिए कि वे सोशल मीडिया पर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध जानकारी की सत्यता की जांच करने के बाद ही उसे साझा करें।

