गाजीपुर, 22 जुलाई 2025:
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव मानसिक संतुलन खो चुके हैं और अब उन्हें “झोला टांगकर इटावा चले जाना चाहिए।”
गाजीपुर के मरदह क्षेत्र के सक्कापुर गांव में एक सभा के दौरान बोलते हुए अरुण राजभर ने सपा पर आरोप लगाया कि पार्टी ने सत्ता में रहते हुए पिछड़े और दलित समाजों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा महज दिखावा है और इसका पहला लाभ अहीर समाज और दूसरा उनके परिवार को मिल रहा है।
अरुण राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि राजभर, चौहान, पाल, लोहार, नाई, कुम्हार, हेला, मुसहर, बसफोर, वनवासी और मुसलमान जैसे समुदायों को सपा ने कभी तवज्जो नहीं दी। उन्होंने मैनपुरी में दलित युवक को जूते में मूत्र पिलाने की घटना और इटावा में ब्राह्मण और यादव समाज के बीच तनाव जैसे मामलों पर अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाए।
राजभर ने कहा कि 27% ओबीसी आरक्षण का पूरा फायदा केवल सपा के लोग ले रहे हैं, जबकि अति पिछड़ा और वंचित समाज अब भी पीछे है। उन्होंने दावा किया कि अगर ‘कोटे में कोटा’ लागू हुआ तो सपा की जमानत जब्त हो जाएगी।
सुभासपा नेता ने आगे कहा कि आगामी 2027 के चुनावों में एनडीए और सुभासपा का प्रदर्शन 2017 से भी बेहतर होगा और 2047 तक सपा सत्ता में नहीं लौट पाएगी।
अरुण राजभर मंगलवार को जहूराबाद, मरदह, सक्कापुर, डोडसर और बंका जैसे गांवों में दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। वहां मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बयान दिया।
इस बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सपा और अखिलेश यादव इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

