नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेटर शुभमन गिल ने हाल ही में रणजी ट्रॉफी में कर्नाटका के खिलाफ पंजाब के लिए शतक बनाकर अपनी शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। हालांकि, इस मैच में उनकी टीम कर्नाटका से एक इनिंग और 207 रनों से हार गई, लेकिन गिल की शतकीय पारी उनके अपार टैलेंट को दर्शाती है। इस प्रदर्शन के बाद शुभमन गिल ने रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी पर चिंताओं और दबाव का खुलासा किया।
गिल ने स्वीकार किया कि वे अक्सर रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी पर अत्यधिक दबाव महसूस करते हैं। उन्होंने कहा, “रेड-बॉल बैटिंग मेरे लिए एक चिंता का विषय है। कभी-कभी जब मैं अच्छे 25-30 रन बना लेता हूँ, तो मैं खुद पर बहुत दबाव डालता हूँ कि मुझे अब बड़ा स्कोर बनाना चाहिए। लेकिन यह वह तरीका नहीं है जिस तरह से मैं खेलता हूँ।”
गिल ने आगे यह भी बताया कि उनके लिए मानसिकता का सही होना बेहद महत्वपूर्ण है। “मेरे लिए सही मानसिकता बनाए रखना जरूरी है। मुझे एक निश्चित जोन में खेलना पसंद है, लेकिन कभी-कभी जब मैं खुद पर दबाव डालता हूँ तो मैं उस जोन से बाहर चला जाता हूँ,” गिल ने कहा।
रणजी ट्रॉफी में शतक बनाने के बारे में गिल ने कहा कि यह उनके लिए संतोषजनक था, विशेष रूप से पहले सत्र में गेंदबाजों द्वारा की गई कड़ी मेहनत के बावजूद। “पहले 130 गेंदों में 40 रन बनाना मेरे लिए संतोषजनक था। विकेट पर मदद मिल रही थी और गेंदबाज भी अच्छा खेल रहे थे,” उन्होंने कहा। लंच के बाद, गिल ने अपने शॉट्स को और अधिक खोला और अपना खेल बेहतर किया।
गिल ने यह भी साझा किया कि प्रतिस्पर्धी मैचों में खेलने से उनका खेल और भी बेहतर होता है, क्योंकि अभ्यास के मुकाबले मैच की असली परिस्थितियों में आने वाला दबाव कुछ अलग होता है। “प्रैक्टिस में हम वही अनुभव नहीं पा सकते जो मैच की वास्तविक परिस्थितियों में मिलता है। इसलिए मैं मानता हूँ कि ज्यादा से ज्यादा मैच खेलना बहुत जरूरी है,” गिल ने कहा।
गिल ने अपनी इस आंतरिक समीक्षा को साझा करते हुए कहा कि वह रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी स्थिरता को फिर से हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे। उनका यह वचन उनके संघर्षों और उन पर आधारित प्रेरणा का प्रतीक है कि वह आगे चलकर अपनी बल्लेबाजी में और भी सुधार करेंगे और अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

